मनुष्य, जैसा सोचता है (As a Man Thinketh), जेम्स एलेन (James Allen) ने 1903 में लिखी थी। यह पुस्तक बाइबल की एक कहावत पर आधारित है, जिसमें लिखा है कि इंसान जो भी अपने मन में सोचता है। वह वैसा ही बन जाता है। इसमें जेम्स एलेन ने बताया कि हमारे विचारों का, हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। वह बताते हैं कि किसी व्यक्ति का जीवन, उसके विचारों से किस प्रकार जुड़ा होता है। कुल मिलाकर एक व्यक्ति जो कुछ भी है, वह विचारों के कारण ही है।
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