Jharna (Kavita Sangrah)

J
Jayshankar Prasad

"झरना" हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि जयशंकर प्रसाद की एक प्रमुख काव्य रचना है। इस कविता में, प्रसाद ने प्रकृति के एक अनुपम और मनोरम दृश्य – झरने का चित्रण किया है, जो उनकी काव्यात्मक सूक्ष्मता और गहराई को दर्शाता है। इस कविता में झरने की कल-कल करती धारा के माध्यम से जीवन की गतिशीलता और सौंदर्य को व्यक्त किया गया है।
प्रसाद ने "झरना" के माध्यम से प्रकृति के सौंदर्य का जीवंत वर्णन किया है, जहां झरना न केवल एक प्राकृतिक तत्व है, बल्कि एक गहरा भावनात्मक और दार्शनिक प्रतीक भी है। इस कविता में झरने की गति, उसकी ध्वनि, और उसकी चमक के माध्यम से जीवन के अनेक पहलुओं का सूक्ष्म और सजीव चित्रण किया गया है।
इस कविता में प्रकृति के प्रति गहरे प्रेम और आदर के साथ-साथ मानवीय जीवन के दार्शनिक पक्ष को भी उकेरा गया है। प्रसाद की भाषा और शिल्प कौशल इस कविता को एक अद्भुत कलाकृति बनाते हैं, जो पाठकों को न केवल मनोरंजन प्रदान करती है, बल्कि उन्हें गहरे चिंतन के लिए भी प्रेरित करती है।
"झरना" जयशंकर प्रसाद की काव्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो उनके रचनात्मक प्रतिभा और प्रकृति के प्रति उनकी अनुभूति की गहराई को प्रकट करता है। यह कविता आज भी हिंदी साहित्य में अपना विशेष स्थान रखती है।

Publication

2023

Format

Epub

Publisher

True Sign Publishing House

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