‘मंगलसूत्र’ - प्रेमचंद द्वारा रचित अपूर्ण और साहित्यिक जीवन पर आधारित उपन्यास है। प्रेमचंद जी की लिखी यह आखिरी उपन्यास है, जिसे वो पूरा नहीं कर सके। इस उपन्यास में प्रेमचंद जी ने इस उपन्यास की पात्र देव कुमार के जीवन का अपने जीवन में किए हुए संघर्षों के फलस्वरूप उनको स्वनिर्धारित आदर्शों से विचलित होता हुआ प्रस्तुत किया है। ‘मंगलसूत्र’ के नायक है आदर्शवादी देव कुमार, जिन्होंने अपना जीवन साहित्य साधना में व्यतीत किया है और उनको कुछ व्यसन भी लगे हुए है। जिसके कारण उनका भौतिक जीवन कभी सुखी नहीं रह सका है। लेकिन उनको अपने जीवन में ख्याति बहुत प्राप्त हुई है। देव कुमार के जीवन की आदर्शवादी व्यक्तित्व की कहानी का बारीकी से प्रेमचंद ने अपने इस उपन्यास में वर्णन किया हुआ है।
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