अगर मैं एक दिन के लिए कोई और होता तो? यह एक संवेदनशील और हृदयस्पर्शी कहानी है, जिसमें एक छोटा-सा विचारशील कछुआ सोचता है कि बिना अपने खोल के जीवन कैसा होता। मधुर लयात्मक शैली और बार-बार दोहराई जाने वाली मज़ेदार पंक्तियों के माध्यम से बच्चे कल्पना, तुलना और आत्म-स्वीकृति की दुनिया का आनंद लेते हैं। जब कछुआ दूसरे जानवरों को तेज़ी से दौड़ते, फुदकते और आसानी से इधर-उधर घूमते देखता है, तो वह भी वैसा बनने का सपना देखने लगता है। लेकिन अपनी यात्रा के दौरान उसे यह समझ आने लगता है कि उसका खोल केवल एक बोझ नहीं है जिसे वह अपने साथ ढोता है, बल्कि वही उसे सुरक्षा देता है और उसे सबसे अलग तथा विशेष बनाता है। छोटे बच्चों के लिए उपयुक्त यह प्रेरणादायक कहानी सुनने और प्रारंभिक पठन कौशल, शब्दावली विकास, समझ क्षमता, कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देती है। साथ ही यह कृतज्ञता, आत्मविश्वास और स्वयं को स्वीकार करने जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक-भावनात्मक मूल्यों को भी विकसित करती है। यह एक मधुर और अर्थपूर्ण कहानी है जो बच्चों को सिखाती है कि स्वयं होना ही सबसे सुंदर बात है—ठीक वैसे ही जैसे वे हैं।
Publication
2026
Pages
12
Format
Epub
Publisher
Twin Sisters® Digital Media™
Excerpt
Illustrator
Crystal Paloma
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