एक रात प्लेज़ेंटविल शहर में कुछ ऐसा जादू होता है कि सभी खिलौने जीवित हो उठते हैं। पूरी रात वे हँसी-खुशी खेलते और मस्ती करते हैं, लेकिन सुबह होने से पहले उन्हें अपने-अपने घर वापस पहुँचना होता है, ताकि बच्चे जागने से पहले सब कुछ पहले जैसा हो जाए। परेशानी तब शुरू होती है जब किसी भी खिलौने को याद नहीं रहता कि उसका असली घर कौन-सा है, और वे सभी गलती से अलग-अलग घरों की ओर दौड़ पड़ते हैं। मज़ेदार संगीत, वास्तविक ध्वनि-प्रभावों और सरल भाषा से सजी "जिस रात खिलौने जीवित हो उठे" की यह मनमोहक कहानी बच्चों को रोमांच, हँसी और कल्पना से भरी एक यादगार यात्रा पर ले जाती है तथा पढ़ने के प्रति उनका प्रेम बढ़ाती है।
Publication
2026
Pages
28
Format
Epub
Publisher
Twin Sisters® Digital Media™
Excerpt
Illustrator
Nan Pollard
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